श्रेणी
कोई भी साक्षी, पीड़ित-साक्षी, उसका परिजन अथवा विधिक प्रतिनिधि आवेदन कर सकता है, जिसे गवाही देने के कारण अपने जीवन, प्रतिष्ठा अथवा सम्पत्ति को खतरा हो। न्यायालय, शासन, पुलिस महानिदेशक अथवा अभियोजन अधिकारी के लिखित अनुरोध पर भी कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है।
मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध, सात वर्ष या उससे अधिक कारावास से दंडनीय अपराध, तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 से 79 के अपराध — इनमें दंड की अवधि पर ध्यान दिए बिना।
आपका प्रश्न यहाँ नहीं है? सहायता अनुभाग से पूछें
अथवा हेल्पलाइन 1090 पर संपर्क करें।
