तत्काल खतरा है? पहले पुलिस को सूचित करें, आवेदन बाद में करें। आपातकाल 112 महिला हेल्पलाइन 1090 साक्षी संरक्षण प्रकोष्ठ 1800-180-0000
योजना परिचय

साक्षी संरक्षण योजना, 2024

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 398 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश शासन, गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अधिसूचित यह योजना उन साक्षियों के लिए है जिनका जीवन, संपत्ति, प्रतिष्ठा अथवा परिजन गवाही देने के कारण खतरे में हैं।

योजना मृत्युदंड, आजीवन कारावास अथवा सात वर्ष या उससे अधिक के दंडनीय अपराधों के साक्षियों पर, तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 74 से 79 के अपराधों के साक्षियों पर — दंड की अवधि पर ध्यान दिए बिना — लागू होती है।

विस्तृत विवरण पढ़ें

पहचान की गोपनीयता

सुनवाई एवं अभिलेख में साक्षी की पहचान प्रकट नहीं की जाती; कूट-संकेत प्रणाली प्रयुक्त होती है।

खंड 10(4), 10(5)

खतरा विश्लेषण

अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा 05 कार्य दिवसों में गोपनीय आख्या प्रस्तुत।

खंड 7

स्थानान्तरण एवं पहचान परिवर्तन

आवश्यकता होने पर प्रदेश अथवा देश में कहीं भी सुरक्षित स्थानान्तरण; व्यय संरक्षण निधि से।

खंड 11, 12

अभिलेख संरक्षण

न्यायालय के लिखित आदेश के बिना कोई अभिलेख साझा नहीं; अंतिम निस्तारण के एक वर्ष बाद ही नष्टीकरण।

खंड 14
आवेदन से आदेश तक

निर्धारित प्रक्रिया

प्रत्येक चरण समयबद्ध है और पोर्टल पर अभिलिखित होता है। आवेदक को केवल आवेदन संख्या के माध्यम से स्थिति की सूचना मिलती है।

01

आवेदन प्रस्तुतीकरण

साक्षी, परिजन अथवा विधिक प्रतिनिधि द्वारा प्रपत्र-1; अथवा न्यायालय, शासन, पुलिस महानिदेशक या अभियोजन अधिकारी के लिखित अनुरोध पर।

पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण
02

पंजीकरण एवं आवेदन संख्या

सदस्य सचिव द्वारा प्राप्ति के उपरान्त विशिष्ट आवेदन संख्या आवंटित; अपराध घटित होने के जनपद के सक्षम प्राधिकारी को स्वतः प्रेषण।

तत्काल
03

खतरा विश्लेषण आख्या

अपर पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी द्वारा पूर्ण गोपनीयता के साथ आख्या तैयार कर प्रस्तुत।

05 कार्य दिवस
04

सुनवाई

सक्षम प्राधिकारी द्वारा साक्षी अथवा उसके प्रतिनिधि की सुनवाई; कार्यवाही में पहचान प्रकट नहीं की जाती।

बंद कक्ष में
05

संरक्षण आदेश

आख्या एवं सुनवाई के आधार पर सामूहिक आदेश पारित; संरक्षण उपाय, अवधि एवं उत्तरदायी अधिकारी अंकित।

05 कार्य दिवस
06

अनुपालन एवं समीक्षा

साक्षी संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा आदेश का क्रियान्वयन, आवधिक समीक्षा तथा आवश्यकतानुसार अवधि विस्तार।

सतत निगरानी

आवेदन की स्थिति देखें

आवेदन संख्या तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP द्वारा ही स्थिति देखी जा सकती है।

सुरक्षा हेतु स्थिति में केवल वर्तमान चरण प्रदर्शित होता है। किसी भी SMS, ई-मेल अथवा स्क्रीन पर वाद विवरण, अभियुक्त का नाम अथवा संरक्षण उपाय प्रकट नहीं किए जाते।

क्या मैं पात्र हूँ?

तीन प्रश्नों के उत्तर से प्रारंभिक पात्रता का संकेत प्राप्त करें। यह अंतिम निर्णय नहीं है — पात्रता का निर्धारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जाता है।

0
आच्छादित जनपद
Districts covered
0
पंजीकृत आवेदन
Applications registered
0
संरक्षण आदेश पारित
Protection orders issued
0
समयसीमा में निस्तारण
Disposed within SLA

उपरोक्त आँकड़े केवल संकलित (aggregate) रूप में हैं। किसी भी वाद, साक्षी अथवा जनपद-स्तरीय विवरण सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं किया जाता।

अपने जनपद का सक्षम प्राधिकारी जानें

आवेदन उसी जनपद के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होता है जहाँ अपराध घटित हुआ है, न कि आवेदक के निवास के जनपद में।

प्रतीक्षारत

जनपद चुनते ही सक्षम प्राधिकारी के तीनों सदस्यों तथा साक्षी संरक्षण प्रकोष्ठ का कार्यालय संपर्क यहाँ प्रदर्शित होगा। किसी भी अधिकारी का व्यक्तिगत नंबर पोर्टल पर प्रकाशित नहीं किया जाता।

अध्यक्ष
सदस्य
सदस्य सचिव
साक्षी संरक्षण प्रकोष्ठ
खंड 13 — जन जागरूकता

योजना को समझने के सरल साधन

अन्वेषण अधिकारी, अभियोजन अधिकारी एवं न्यायालय कर्मचारी का यह उत्तरदायित्व है कि वे प्रत्येक साक्षी को इस योजना की जानकारी दें।

परिचय वीडियो

04 मिनट में योजना, पात्रता एवं आवेदन की पूरी जानकारी (हिन्दी)।

ऑडियो विवरण

पढ़ने में कठिनाई हो तो सुनकर समझें — प्रत्येक पृष्ठ का ऑडियो उपलब्ध।

अक्सर पूछे प्रश्न

आवेदन, गोपनीयता, स्थानान्तरण एवं व्यय से संबंधित 30+ प्रश्नोत्तर।

प्रचार सामग्री

जनपद स्तर पर प्रयोग हेतु पोस्टर, बैनर एवं पम्फलेट डाउनलोड करें।