पहचान की सुरक्षा

गोपनीयता

इस प्रणाली में गोपनीयता कोई नीति-वाक्य नहीं, प्रणाली की बनावट का हिस्सा है।

उपनाम कोड

आवेदन प्रस्तुत होते ही प्रत्येक प्रकरण को एक उपनाम कोड (उदाहरण — WTN-2024-000123) मिल जाता है। जिन भूमिकाओं को नाम जानने की आवश्यकता नहीं है, उनकी स्क्रीन पर नाम के स्थान पर यही कोड दिखाई देता है।

कूटलेखन (Encryption)

नाम, मोबाइल, पता तथा आधार जैसे पहचान-सूचक स्तंभ डेटाबेस में AES-256 कूटलेखित रूप में ही रखे जाते हैं। पोर्टल HTTPS पर ही चलता है, जिससे मार्ग में भी सूचना सुरक्षित रहती है।

भूमिका आधारित पहुँच

प्रत्येक भूमिका के लिए यह पूर्व-निर्धारित है कि वह किन प्रकरणों को और उनमें कितना देख सकती है — केवल अपना प्रकरण, केवल अपना जनपद, अथवा केवल संख्यात्मक आँकड़े।

अंकेक्षण अभिलेख

किसी भी संरक्षित अभिलेख को देखना, प्रिंट करना अथवा निर्यात करना स्वयं में एक अंकित घटना है — किसने, कब और किस भूमिका से देखा, यह सब सुरक्षित रहता है।

गोपनीय अभिलेख भंडारण

अपलोड किए गए अभिलेख वेब फ़ोल्डर में नहीं रखे जाते। वे कूटलेखित रूप में पृथक भंडार में रहते हैं और केवल अधिकृत, अंकेक्षित कार्यवाही के माध्यम से ही खोले जा सकते हैं।

सार्वजनिक स्क्रीन पर क्या नहीं

सार्वजनिक स्थिति स्क्रीन पर केवल चरण एवं दिनांक दिखाया जाता है। वाद विवरण, अभियुक्त का नाम अथवा अनुमन्य संरक्षण उपाय किसी भी दशा में प्रकट नहीं किए जाते।

साक्षी संरक्षण योजना के खंड 14 के अनुसार, संरक्षण से संबंधित अभिलेख की प्रति किसी तीसरे पक्ष को नहीं दी जाएगी। इसका उल्लंघन दंडनीय है।