आवेदन से आदेश तक

आवेदन प्रक्रिया

प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की समय-सीमा निर्धारित है और प्रत्येक चरण अभिलेखित होता है।

चरण

प्रक्रिया के छह चरण

1

आवेदन (प्रपत्र-1)

साक्षी, परिजन अथवा अधिकारी द्वारा ऑनलाइन प्रपत्र-1 भरा जाता है। आवेदन प्रस्तुत होते ही एक आवेदन संख्या तथा एक उपनाम कोड निर्गत होता है। इसके पश्चात अभिलेख में सामान्यतः उपनाम कोड ही प्रयुक्त होता है।

समय-सीमा — तत्काल
2

सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुतीकरण

सदस्य सचिव आवेदन को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखते हैं, जो खतरा विश्लेषण आख्या हेतु आदेश करता है। जीवन को तात्कालिक संकट की दशा में इसी चरण पर अंतरिम संरक्षण दिया जा सकता है।

समय-सीमा — 3 कार्यदिवस
3

खतरा विश्लेषण आख्या

क्षेत्राधिकारी पुलिस अधिकारी द्वारा खतरे के स्रोत, गंभीरता तथा परिजनों पर संभावित प्रभाव का आकलन कर गोपनीय आख्या प्रस्तुत की जाती है, जिसमें श्रेणी क/ख/ग की संस्तुति होती है।

समय-सीमा — 5 कार्यदिवस
4

सुनवाई

सक्षम प्राधिकारी आवेदक को सुनता है। सुनवाई बंद कक्ष में होती है और उसका अभिलेख गोपनीय रखा जाता है।

समय-सीमा — 5 कार्यदिवस
5

संरक्षण आदेश

आदेश में श्रेणी, अनुमन्य उपाय, उत्तरदायी अधिकारी तथा वैधता अवधि अंकित होती है। क्रियान्वयन साक्षी संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा किया जाता है।

समय-सीमा — आवेदन से 5 कार्यदिवस के भीतर निस्तारण
6

समीक्षा एवं पुनर्विलोकन

आदेश की अवधि समाप्त होने से पूर्व अथवा परिस्थिति बदलने पर समीक्षा की जाती है। संरक्षण बढ़ाया, घटाया अथवा समाप्त किया जा सकता है — प्रत्येक दशा में कारण अंकित करते हुए।

समय-सीमा — वैधता समाप्ति से 30 दिवस पूर्व

आवेदन कहाँ करें

  • इस पोर्टल पर ऑनलाइन — पंजीकरण के पश्चात प्रपत्र-1।
  • सदस्य सचिव, सक्षम प्राधिकारी (अभियोजन कार्यालय) के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से।
  • संबंधित थाने अथवा अन्वेषण अधिकारी के माध्यम से।
  • अत्यावश्यक दशा में हेल्पलाइन 1090 / 112 पर।

आवेदन के पश्चात

  • आवेदन संख्या से बिना लॉगिन स्थिति देखी जा सकती है।
  • साक्षी लॉगिन से आदेश, अभिलेख तथा सुरक्षित संदेश उपलब्ध रहते हैं।
  • अतिरिक्त अभिलेख बाद में भी अपलोड किए जा सकते हैं।

स्थिति देखें