| उपाय | श्रेणी क | श्रेणी ख | श्रेणी ग | विवरण |
|---|---|---|---|---|
| पहचान की गोपनीयता | अभिलेख एवं कार्यवाही में नाम के स्थान पर उपनाम कोड का प्रयोग। | |||
| न्यायालय में पृथक प्रतीक्षा कक्ष | अभियुक्त पक्ष से आमना-सामना रोकने हेतु। | |||
| दूरभाष निगरानी एवं कॉल विवरण | धमकी भरे संदेश अथवा कॉल की दशा में। | |||
| पुलिस गश्त एवं निकट निगरानी | निवास एवं कार्यस्थल के आसपास नियमित गश्त। | |||
| न्यायालय आवागमन में सुरक्षा | सुरक्षा कर्मी सहित वाहन की व्यवस्था। | |||
| सशस्त्र सुरक्षा कर्मी | खतरा विश्लेषण आख्या की संस्तुति पर। | |||
| सुरक्षित आवास अथवा अस्थायी स्थानांतरण | जीवन को तात्कालिक संकट की दशा में। | |||
| पहचान परिवर्तन एवं स्थायी पुनर्वास | अत्यंत अपवादिक परिस्थिति में, सक्षम प्राधिकारी के विशेष आदेश पर। | |||
| वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से साक्ष्य | न्यायालय की अनुमति से। | |||
| परामर्श एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता | विशेषकर अवयस्क एवं महिला साक्षियों हेतु। |
उपरोक्त तालिका सामान्य मार्गदर्शन हेतु है। किसी विशिष्ट प्रकरण में अनुमन्य उपाय संरक्षण
आदेश में ही अंकित होते हैं और वे इस पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किए जाते।
व्यय कौन वहन करता है
संरक्षण पर होने वाला व्यय राज्य द्वारा गठित साक्षी संरक्षण निधि से वहन किया जाता है। साक्षी से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
अवधि
संरक्षण आदेश सामान्यतः तीन मास से एक वर्ष तक की अवधि हेतु निर्गत होता है, तथा खतरा बने रहने पर समीक्षा के पश्चात बढ़ाया जा सकता है। विचारण समाप्त होने के पश्चात भी, यदि खतरा बना हुआ है, तो संरक्षण जारी रखा जा सकता है।
